Monday, October 19th, 2026

भारतीय खिलाड़ी नेपाल के लिए खेले अब विवाद 

नई दिल्ली
 ग्रेटर नोएडा में 16-18 मार्च तक हुए टेंट पेगिंग विश्व कप क्वालीफायर में नेपाल की टीम में भारतीय घुड़सवारों के भाग लेने पर भारतीय इक्वेस्टियन फेडरेशन (ईएफआइ) ओर नेपाल इक्वेस्टियन फेडरेशन (ईएफएन) आमने-सामने आ गए हैं।

ईएफआइ ने इक्वी विंग स्पो‌र्ट्स के साथ मिलकर टेंट पेगिंग विश्व कप क्वालीफायर का आयोजन किया था। इसमें भारत के अलावा बेलारूस, पाकिस्तान, नेपाल और अमेरिका की टीमों ने भी भाग लिया। इसमें चौंकाने वाली बात यह थी कि नेपाल का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी चारों खिलाड़ी भारतीय थे। टेंट पेगिंग विश्व कप का आयोजन 2023 में इंटरनेशनल टेंट पेगिंग फेडरेशन (आइटीपीएफ) के तहत दक्षिण अफ्रीका में किया जाएगा। अब इस फर्जी टीम को खिलाने को लेकर ईएफआइ और ईएफएन आमने-सामने हैं।

इस प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहने वाली नेपाली टीम से योगेंद्र, गोलम, कपिल और विनायक नाम के खिलाड़ी खेले। गोलम का असली नाम गुलाब मुहम्मद, विनायक का पूरा नाम विनायक कुमार था। सूत्रों के मुताबिक ये चारों बिहार पुलिस में काम करते हैं और उनके ऊपर बिहार पुलिस कार्रवाई कर रही है।


ईएफएन के अध्यक्ष रवि राजकर्णीकर ने कहा कि जब इस टूर्नामेंट में सिर्फ चार देशों को शामिल किया गया था तो फिर नेपाल कहां से आ गया। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। भारतीय अधिकारियों ने ऐसा किया होगा। वहीं ईएफआइ के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने इसके लिए ईएफएन को दोषी ठहराया। उन्होंने दावा किया कि ये चारों नाम ईएफएन से आए थे। हमने पासपोर्ट चेक करने की आवश्यकता नहीं समझी।

नेपाली संघ ने नाम भेजा और आइटीपीएफ ने नेपाल की भागीदारी सुनिश्चित की है इसलिए हमने सोचा, इन खिलाडि़यों के नाम वास्तविक हैं। किसी देश का राष्ट्रीय संघ खिलाड़ी के नाम को मंजूरी देता है और भेजता है, हम इसे आधार मानते हैं। नेपाली नागरिकों को भारत आने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है। हालांकि नेपाल ओलंपिक समिति ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा कि चयन प्रतियोगिता के लिए किसी भी नेपाली खिलाड़ी को मंजूरी नहीं दी गई है। चयन प्रक्रिया में भारतीय पक्ष द्वारा इस कदम की जांच करने के लिए तैयार हैं।

 

#टेंट पेगिंग विश्व

Source : Agency

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